जादवपुर यूनिवर्सिटी में रामनवमी का आयोजन नहीं, प्रशासन ने ABVP की अर्जी खारिज की
जादवपुर यूनिवर्सिटी में रामनवमी का आयोजन नहीं, प्रशासन ने ABVP की अर्जी खारिज की। जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में रामनवमी मनाने पर रोक लगा दी गई है. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह फैसला कई चीजों को ध्यान में रखकर लिया गया है. जादवपुर यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि पिछले साल रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर एबीवीपी और वामपंथी छात्रों के बीच झड़प हो गई थी और इससे पहले विश्वविद्यालय परिसर में कभी भी रामनवमी नहीं मनाया गया है.
यूनिवर्सिटी कैंपस में रामनवमी मनाने के लिए छात्रों ने 28 मार्च को वाइस चांसलर ऑफिस को एप्लीकेशन दिया था. मगर छात्रों की मांगों को रिजेक्ट कर दिया गया. मगर छात्र कैंपस में रामनवमी मनाने के लिए अड़े हुए हैं. एबीवीपी का कहना है कि वह छह अप्रैल को किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय परिसर में रामनवमी मनाएगी. वहीं, एसएफआई ने संकल्प लिया है कि वह उत्सव मनाने की अनुमति नहीं देगी.
वहीं, इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को यह बता दिया गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में रामनवमी मनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
अगर इफ्तार की इजाजत तो रामनवमी की क्यों नहीं?
सोमसूर्या बनर्जी ने कहा पिछले साल हमें शुरू में अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में विरोध के कारण इसे रद्द कर दिया गया. इस बार हमने अनुमति मांगी है और हमारा संकल्प दृढ़ है. बनर्जी ने यह भी कहा कि जब कुछ दिन पहले कैंपस में इफ्तार पार्टी की अनुमति दी गई थी, तो रामनवमी के लिए अनुमति क्यों नहीं दी जा रही. हम इस बार पीछे नहीं हटेंगे. अगर इफ्तार कैंपस में हो सकता है, तो रामनवमी क्यों नहीं?
वहीं, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे वामपंथी छात्र संगठनों ने इस आयोजन का विरोध किया. SFI सदस्य ने कहा कि ABVP यह आयोजन कर रहा है, लेकिन हम उन्हें कैंपस में रामनवमी मनाने नहीं देंगे. पिछले साल विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू में ABVP को रामनवमी मनाने की अनुमति दी थी, लेकिन वामपंथी छात्र संगठनों के विरोध और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) का हवाला देते हुए इसे वापस ले लिया था. जादवपुर यूनिवर्सिटी वामपंथी राजनीति का गढ़ मानी जाती है.
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर ABVP की पश्चिम बंगाल इकाई के ट्रस्टी बोर्ड के अध्यक्ष संतनु सिंह ने वामपंथी संगठनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. रामनवमी को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.