कटनी रिवर फ्रंट निर्माण में भारी भ्रष्टाचार,निगम कटनी द्वारा कटनी नदी के मोहन घाट,मसुरहा घाट इत्यादि क्षेत्र में कटनी रिवर फ्रंट के नाम पर करोड़ों रुपए की लूट की जा रही

कटनी रिवर फ्रंट निर्माण में भारी भ्रष्टाचार,निगम कटनी द्वारा कटनी नदी के मोहन घाट,मसुरहा घाट इत्यादि क्षेत्र में कटनी रिवर फ्रंट के नाम पर करोड़ों रुपए की लूट की जा रही है
आज सुबह नगर निगम कटनी के वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन,एडवोकेट,जिला शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष राजा जगवानी,जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमित शुक्ला,जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अंशु मिश्रा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रमेश सोनी, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप द्विवेदी, अजय खटीक शशांक गोलू गुप्ता इत्यादि द्वारा मसुरहा घाट में कटनी रिवर फ्रंट के चल रहे काम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि टो वाल एवं बीम के बीच में पत्थरों की जो फिलिंग की गई है उसके नीचे कोई भी फिलर मटेरियल नहीं लगाया गया है बल्कि नदी किनारे की मिट्टी में ही बोल्डर पत्थर रख दिए गए हैं।
इसके अलावा सामान्य वर्षा काल में भी नदी का जल भराव क्षेत्र है निर्माण अधीन पाथवे तक रहेगा।उसके कारण पाथवे और पिचिंग क्षेत्र पानी में डूबा रहने से उसका कोई उपयोग नहीं हो पाएगा। वर्षा काल के उपरांत नदी की स्थिति दुर्गंध युक्त,जलकुंभी युक्त प्रदूषित पानी के रूप में होती है तत्समय भी रिवर फ्रंट के पाथवे का कोई उपयोग होना संभव नहीं है।*
लॉकिंग का कार्य आरसीसी ना होकर पीसीसी के रूप में कराया जा रहा है। उपयोग में लाया गया लोहा पर्याप्त मजबूत नहीं है।
नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद मिथलेश जैन एडवोकेट ने जानकारी ली तो यह ज्ञात हुआ है कि नगर निगम कटनी द्वारा अमृत (दो)योजना अंतर्गत राज कंस्ट्रक्शन सतना से कटनी रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें मोहन घाट का निर्माण 75 लाख रुपए और मसुरहा घाट का निर्माण एक करोड़ 8 लाख रुपए की लागत से हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि नगर निगम के जिम्मेदार लोग निर्माण के सामने खड़े होकर अपनी फोटो खींच कर भ्रष्टाचार रूपी विकास का डिंडोरा पीट कर स्वयं ही अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं जबकि हो रहा निर्माण स्वयं ही भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा है मिथलेश जैन ने कहा है कि वे इस मामले को निगम परिषद के साथ-साथ शासन केआर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के सामने भी शिकायत के रूप में दर्ज कराएंगे।